मैंने जब उनकी कविता "फिर से जीने को दिल करता है" देखी
मेरा दिल खुश हुआ
पर ये जाना की वो कविता मेरे/हमारे सदर्भ मे थी ही नहीं
दिल ऐसा टुटा की फिर जुड़ने की उम्मीद नहीं है
कोशिश करता रहूंगा आपने वजूद को संभाल कर रखने की
क्योंकि कुछ और मासूम जिंदगियाँ जुड़ी हैं अपने साथ
Thursday, May 22, 2008
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