जो पैर के नीचे से ज़मीं खिसक जाए तो परवाह नहीं
मैंने भी उड़ना सीख लिया है
जो हमसफ़र साथ ना चले तो कोई फिक्र नहीं
मैंने भी अकेले सफर करना सीख लिया है
जो वो पीठ पर खंजर चलायें तो कोई बात नहीं
मैंने भी पलट कर अपना सीना आगे करना सीख लिया है
Thursday, May 29, 2008
Thursday, May 22, 2008
उनकी कविता
मैंने जब उनकी कविता "फिर से जीने को दिल करता है" देखी
मेरा दिल खुश हुआ
पर ये जाना की वो कविता मेरे/हमारे सदर्भ मे थी ही नहीं
दिल ऐसा टुटा की फिर जुड़ने की उम्मीद नहीं है
कोशिश करता रहूंगा आपने वजूद को संभाल कर रखने की
क्योंकि कुछ और मासूम जिंदगियाँ जुड़ी हैं अपने साथ
मेरा दिल खुश हुआ
पर ये जाना की वो कविता मेरे/हमारे सदर्भ मे थी ही नहीं
दिल ऐसा टुटा की फिर जुड़ने की उम्मीद नहीं है
कोशिश करता रहूंगा आपने वजूद को संभाल कर रखने की
क्योंकि कुछ और मासूम जिंदगियाँ जुड़ी हैं अपने साथ
रिस्ते
रिस्ते सिर्फ़ खून के तोड़े नहीं जा सकते;
बाकी सभी रिश्ते बनाये या तोड़े जा सकते हैं;
ये और बात है की सभी रिस्ते निभाए जा सकते हैं और नहीं भी;
बाकी सभी रिश्ते बनाये या तोड़े जा सकते हैं;
ये और बात है की सभी रिस्ते निभाए जा सकते हैं और नहीं भी;
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