रिस्ते सिर्फ़ खून के तोड़े नहीं जा सकते;
बाकी सभी रिश्ते बनाये या तोड़े जा सकते हैं;
ये और बात है की सभी रिस्ते निभाए जा सकते हैं और नहीं भी;
Thursday, May 22, 2008
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ठहर जाओ थोडी देर,
अगर मुश्किल है अभी चलने मे|
जिंदगी है तो सफर भी है|
जो जितने देर साथ चला उसका सुर्क्रिया,
लोग और भी मिलेंगे आगे,
तू नहीं तो कोई और सही
और नहीं तो कोई और सही|
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